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gstr 3b फाइल कैसे करे? जानिए यंहा step by step…

नमस्कार मेरे प्यारे दोस्तों आप लोग कैसे है? मेरा नाम अरविन्द मल्होत्रा जो कि मैं एक अकाउंटेंट हूं और मैं आज इस आर्टिकल में आप लोगों को बताऊंगा की gstr 3b रिटर्न फाइल कैसे करते है? तो बने रहिए हमारे fblogging.com से मैं अपने फिछले आर्टिकल में gstr 1 के बारे में बताया था हमे आशा है कि आप लोगों अच्छा लगा होगा. आज मैं gstr 3b के बारे में बताऊंगा. तो चलिए शुरू करते है कि gstr 3b kaise रिटर्न करते है?

दोस्तो मैं उसके पहले उसके बारे में कुछ बताना चाहता हूं जिसे आप जानकर बहुत आसानी से फाइल रिटर्न कर सकते है तो आइए जानते है…

Gstr3b क्या है और इसमें क्या क्या होता है

दोस्तो मैं बता दू अगर आप जीएसटी नंबर लिए है । और आप का उस मंथ में कोई भी सेल और पर्चेस नहीं है तो । तब भी आप को रिटर्न फाइल करना पड़ेगा क्योंकि ये अनिवार्य है आप को निल रिटर्न फाइल करना है पर फाइल करना ही पड़ेगा नहीं तो आप को फाइन लगेगा.

दोस्तो उसका ड्यू डेट next मंथ के 20 तारीख तक फाइल कर देना होता है अगर इस डेट से आगे हुआ तो आपका हर दिन जोड़ के फाइन लगेगा.

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जैसे आप अगस्त मंथ का फाइल कर रहे है तो आप को सितंबर मंथ के 20 तारीख तक फाइल कर देना ही अच्छा है नहीं तो आगे फाइन लगाना चालू हो जाएगा । और मैं आप लोगो को ये भी बता दू की इसका फाइन दिन वाइज देना होता है मतलब हर दिन फाइन जोड़ता है. तो आप को 20 तक हर हाल में फाइल रिटर्न कर देना ही बेहतर होगा
दोस्तो इसमें gsrt 3b में आप को बिल वाइज डिटेल नहीं देनी होती है.

हमे केवल उस मंथ के पूरे सेल का सारांश और पर्चेस पर दिए गए टैक्स का केवल सारांश देना होता है
जैसे- हम उस मंथ में जितना बी सेल किए है उसका पूरा अमाउंट और जितना पर्चेस खरीद दारी किए है उसमे लगा हुआ टैक्स को जोड़ कर भरना होता है.
मतलब आपको केवल पूरा सेल अमाउंट और पर्चेस के पूरे टैक्स ध्यान रहे केवल पर्चेस के पूरे टैक्स को भरना होता है. पर्चेस के टैक्स को हम आईटीसी itc भी कहते है.

जिसमे आप को itc केलेम करना होता है जिससे आप जो भी टैक्स दिए है पर्चेस करते समय और जो भी टैक्स लिए है सेल करते है वो आपस में रिकवर हो जाते है. ऐसा होने के बाद ही आपका रिटर्न फाइल हो सकता है.

मान लो आप किसी मंथ में आप सेल जादा कर दिए और पर्चेस काम है तो आप को टैक्स देना होगा वो भी कैस। और अगर आप पर्चेस जादा किए है और उस मंथ में आप का सेल काम है तो आपका जो टैक्स का अमाउंट है पर्चेस का को सेल के टैक्स अमाउंट से जादा होगा जिससे आप को कैस टैक्स नहीं भरना पड़ेगा और आपका जितना टैक्स अमाउंट पर्चेस का बचेगा को आप के next month में रिकवर हो जाएगा.9. उसके बाद आपको कुछ स्टेप मिलेगा उसको आपको yes /no करना पड़ेगा तो चलिए बताते है कि किस स्टेप का क्या मतलब होता है .
सबसे पहले आप को निल रिटर्न का ऑप्शन मिलेगा अगर आप उस मंथ में कोई सेल और पर्चेस नहीं किए है तो आप उसको yes करके nil रिटर्न फाइल कर सकते है उसको yes करते है आपके सारे ऑप्शन ऑटोमेटिक फिल हो जाएंगे .
लेकीन अगर आप उस मंथ में सेल या फिर पर्चेस किए है तो आपको उस ऑप्शन को no करना होगा और फिर ये बताना होगा नीचे वाले ऑप्शन में कि अगर आप माल बेचे है या फिर खरीदे है तो आप कैसी पार्टी को सेल या पर्चेस किए है मतलब क्या वह पार्टी रजिस्टर्ड है जीएसटी से है या नहीं
अगर रजिस्टर्ड है तो वह उसी स्टेट में सेल या पर्चेस किए है या फिर दूसरे स्टेट में
क्या आप का लेट फीस है ये सारे ऑप्शन अपने हिसाब से सोच समझ के भरना होगा
10. उसके बाद next पर क्लिक करके आगे बड़े जैसे ही next करेंगे तुरंत आप को कुछ और ऑप्शन मिलनगे
11.जिसमे पहला ऑप्शन आएगा आप का
3.1 tax on outward and reverse charge inward supplies
मतलब आप का पूरे मंथ का सेल उसी स्टेट और दूसरे स्टेट का भी अगर आप सेल किए है तो
12. उसपे क्लिक करने पर आपको कुछ और ऑप्शन मिलंगे
जिसमे कुछ इस तरह से
(a) outward taxable supplies ( others than zero rated,nill rated and exempted)
मतलब इसमें आप की जो सेल किए है पूरे मंथ में उसका taxable value
मतलब सेल का को अमाउंट जो टैक्स निकालने के बाद आए
फ़िर आगे आपको उसके सामने आपको अलग अलग टैक्स भरना है मतलब
पहला ऑप्शन
। Total taxable value
।। Integrated tax (igst)
।।। Central tax ( cgst)
।v। State tax ( sgst)
ये सारे ऑप्शन मिलेंगे आपको जिसमे आपको टैक्स निकाल कर अलग अलग भरना है
मतलब बहुत ही आसान है
उसके बाद आपको कन्फर्म पर क्लिक करना है
13.उसके बाद आपको आईटीसी मतलब
4. Eligible itc
का ऑप्शन आएगा उस पर क्लिक करना है ये बहुत इम्पोर्टेंट है
Itc मतलब इस ऑप्शन में आप को जो आप माल खरीद के लाए है पर्चेस किए है उस सारे अमाउंट का टैक्स
केवल केवल टैक्स उस सारे अमाउंट का जिसे है आईटीसी कहते है
ये केवल उस ऑप्शन में भरना है
आपको मिलेगा
(c) net ITC available (A)-(B)
में आगे आपको सब भरना है अलग अलग
मतलब
Igst का पूरा टैक्स
Cgst का पूरा टैक्स
Sgst का पूरा टैक्स
आपको अलग अलग कॉलम मिलेगा जिसको आपको आशन सही से समझ के भरना है . फ़िर उसके बाद आपको कन्फर्म पे क्लिक करना है. उसके बाद आपको save option पे क्लिक करना है उसके कुछ समय बाद आप को Proseed to payment पर क्लिक करना है फिर आपको
Make payment/ post credit to ledger पर क्लिक करना है.
उसके बाद आप proseed to file पर क्लिक करने के बाद आप अपने प्रोपराइटर का नाम सेलेक्ट करके ECV ऑप्शन पर otp के लिए क्लिक करना है बाद में ओटीपी भरने के बाद ok करते है आप का फाइल रिटर्न हो गया.
अगर दोस्तो इस आर्टिकल में कोई भी चीज समझ नहीं आती है तो आप कॉमेंट बैक्स में अपना फीडबैक दे सकते है और पूछ भी सकते है .
आगे भी कुछ इसी रिलेटेड जानकारी पाने के लिए बने रहिए हमारे fblogging.com से

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